Skip to main content

Posts

Showing posts from June, 2017

Akbar birbal ki sabashe bari chijhh keya hai

Akbar birbal ki sabshe bari chijhh keyaa hai Akabar man Mai amar Kumar Bihar hello friend aaj mai aapko batane j a raha hu akbar or birbal ki Kahani Jo mantriyo me sath aapani tariff ki or birbal ki tari ff ki   srinkhlaye Chaliye an sage padhate hai यह कहानी, अकबर-बीरबल की कहानियों की श्रंखला का एक हिस्सा है. अकबर अक्सर बीरबल की बुद्धिमानी की तारीफ किया करते थे, जिससे दूसरे मन्त्रिगन बीरबल से जले भुने रहते थे. चार मंत्रियों ने निर्णय किया कि अगली बार जब भी बादशाह अकबर, बीरबल की तारीफ करेंगे, वो चारों उसका विरोध करेंगे. अगली बार जब बादशाह अकबर बीरबल की तारीफ कर रहे थे तो वो चारो मंत्री उठ खड़े हुए और बोले, ‘‘जहांपनाह, आप हमेशा सिर्फ़ बीरबल की बुद्धिमानी की तारीफ करते हैं. हम लोग भी बुद्धिमान हैं, आपको हमारी तरफ भी ध्यान देना चाहिए.’‘ अकबर ने गंभीरता से उनकी बात सुनी और बोले, ‘‘बिल्कुल, आप सभी बुद्धिमान हैं, इसी वजह से आप इस दरबार के सदस्य हैं. मगर बीरबल से तुलना करना ठीक नहीं है.’‘ चारों मंत्री एक साथ बोले, ‘‘गुस्ताख़ी माफ़ जहांपनाह, मगर आप हमेशा बीरबल से ही सवाल...

Akabar birbal ki itni tarif qui

यह कहानी, अकबर-बीरबल की कहानियों की श्रंखला का एक हिस्सा है. अकबर अक्सर बीरबल की बुद्धिमानी की तारीफ किया करते थे, जिससे दूसरे मन्त्रिगन बीरबल से जले भुने रहते थे. चार मंत्रियों ने निर्णय किया कि अगली बार जब भी बादशाह अकबर, बीरबल की तारीफ करेंगे, वो चारों उसका विरोध करेंगे. अगली बार जब बादशाह अकबर बीरबल की तारीफ कर रहे थे तो वो चारो मंत्री उठ खड़े हुए और बोले, ‘‘जहांपनाह, आप हमेशा सिर्फ़ बीरबल की बुद्धिमानी की तारीफ करते हैं. हम लोग भी बुद्धिमान हैं, आपको हमारी तरफ भी ध्यान देना चाहिए.’‘ अकबर ने गंभीरता से उनकी बात सुनी और बोले, ‘‘बिल्कुल, आप सभी बुद्धिमान हैं, इसी वजह से आप इस दरबार के सदस्य हैं. मगर बीरबल से तुलना करना ठीक नहीं है.’‘ चारों मंत्री एक साथ बोले, ‘‘गुस्ताख़ी माफ़ जहांपनाह, मगर आप हमेशा बीरबल से ही सवाल पूछते हैं. अगर आप हमसे सवाल पूछेंगे तो हम भी उत्तर दे सकते हैं.’‘ अकबर बोले, ‘‘ठीक है, अगर आपको ऐसा लगता है कि आप लोग बुद्धिमानी में बीरबल से बेहतर हैं तो मेरे एक सवाल का उत्तर दीजिए. अगर आप मेरे सवाल का उत्तर दे पाए तो हम बीरबल की तारीफ करना बंद कर देंगे. मगर, अगर आप उत्...
Keys Dil ko chhu lens wala aapki kahani Jarur padhe Hatch and I can you are not the way to be a lot and I have a bit and the

Ma ki mamta ma ka hi peyar

k गुजरी होगी उस बुढी मां के दिल पर जब उसकी बहू ने कहा मां जी आप अपना खाना बना लेना मुझे और उन्हें आज किसी पार्टी में जाना ह ै बुद्धि मा ने कहा बेटे मुझे गैस चूल्हा चलाने नहीं आता तो बेटे ने कहा मां आज पास वाले मंदिर में भंडारा है तुम वहां चले जाना खाना बनाने की कोई नौबत ही नहीं आएगी मां चप्पल पहनकर मंदिर की ओर हो चलें यहां पूरा वक्त का बेटा रोहन सुन रहा था पार्टी में जाते वक्त रोहन ने अपने पापा से कहा पापा जब मैं बहुत बड़ा आदमी बन जाऊंगा ना तो मैं भी अपना घर किसी मंदिर के पास ही बनवाऊंगा मां ने बड़ी उत्सुकता अवश्य पूछा क्यों बेटा रोहन ने जो जवाब दिया उसे सुनकर बहु और बेटे का सर नीचे झुक गया जो अपनी मां के मंदिर के और छोड़ आए थे रोहन ने कहl मुझे भी ऐसे ही किसी दिन पार्टी में जाना होगा तो तुम भी किसी मंदिर में खाना खाने जाओगे ना और मैं नहीं चाहता कि तुम्हें दूर के मंदिर में जाना न परे पत्थर तब तक सलामत है जब तक वह पर्वत से जुड़ा है पत्ता तब तक सलामत है जब तक वह पेड़ से जुड़ा है इंसान तब तक सलामत है जब तक वो परिवार से जुड़ा है क्योंकि परिवार से अलग होकर आजादी तो मिल जाती ...

Ek dukhiyari ma ki kahani

k गुजरी होगी उस बुढी मां के दिल पर जब उसकी बहू ने कहा मां जी आप अपना खाना बना लेना मुझे और उन्हें आज किसी पार्टी में जाना ह ै बुद्धि मा ने कहा बेटे मुझे गैस चूल्हा चलाने नहीं आता तो बेटे ने कहा मां आज पास वाले मंदिर में भंडारा है तुम वहां चले जाना खाना बनाने की कोई नौबत ही नहीं आएगी मां चप्पल पहनकर मंदिर की ओर हो चलें यहां पूरा वक्त का बेटा रोहन सुन रहा था पार्टी में जाते वक्त रोहन ने अपने पापा से कहा पापा जब मैं बहुत बड़ा आदमी बन जाऊंगा ना तो मैं भी अपना घर किसी मंदिर के पास ही बनवाऊंगा मां ने बड़ी उत्सुकता अवश्य पूछा क्यों बेटा रोहन ने जो जवाब दिया उसे सुनकर बहु और बेटे का सर नीचे झुक गया जो अपनी मां के मंदिर के और छोड़ आए थे रोहन ने कहl मुझे भी ऐसे ही किसी दिन पार्टी में जाना होगा तो तुम भी किसी मंदिर में खाना खाने जाओगे ना और मैं नहीं चाहता कि तुम्हें दूर के मंदिर में जाना न परे पत्थर तब तक सलामत है जब तक वह पर्वत से जुड़ा है पत्ता तब तक सलामत है जब तक वह पेड़ से जुड़ा है इंसान तब तक सलामत है जब तक वो परिवार से जुड़ा है क्योंकि परिवार से अलग होकर आजादी तो मिल जाती ...

Keya khub likha hai kishi ne

लौट जाता हूं वापस घर की तरफ हर रोज़ थका हारा आज तक समझ में नहीं आया है काम करने के लिए जीता हूं या जीने के लिए काम करता हूं बचपन में सबसे अधिक बार पूछा गया सवाल था बड़े होकर क्या बनना है जवाब अब मिला फिर से बच्चा बनना है थक गया हूं तेरी नौकरी से ऐ जिंदगी मुनासिब होगा मेरा हिसाब कर दे दोस्तों से बिछड़ कर यह हकीकत खुली बेशक कमीने थे पर रौनक उंही से थी भरी जेब से दुनिया की पहचान करवाई और खाली जैसे अपनों कि जब लगे पैसा कमाने तो समझ आया की शोक तो मां बाप के पैसों से पुरे होते थे अपने पैसे से तो जरूरतें ही पूरी हो पाती हैं हंसने की इच्छा ना हो तो भी हंसना पड़ता है कोई जब पूछे कैसे हो मजे में हूं कहना पड़ता है यह जिंदगी का रंगमंच है दोस्तों यहां हर एक को नाटक करना पड़ता है माचिस की जरुरत यहां नहीं पड़ती यहां आदमी आदमी से जलता है दुनिया के सबसे बड़े साइंटिस्ट ये ढूंढ रहे हैं कि मंगल ग्रह पर जीवन है या नहीं पर आदमी ये नहीं ढूंढ रहा है कि जीवन में मंगल है या नहीं मंदिर में फूल चढ़ाने आए तो यह एहसास हुआ कि पत्थरों को मनाने में फूलों का क़त्ल कर आए हम गए थे गुनाहों की माफ़...

Ma ki mamta bete ka peyar

Keya k गुजरी होगी उस बुढी मां के दिल पर जब उसकी बहू ने कहा मां जी आप अपना खाना बना लेना मुझे और उन्हें आज किसी पार्टी में जाना ह ै बुद्धि मा ने कहा बेटे मुझे गैस चूल्हा चलाने नहीं आता ...

Bachapan ki bate aaj yad aati hai

लौट जाता हूं वापस घर की तरफ हर रोज़ थका हारा आज तक समझ में नहीं आया है काम करने के लिए जीता हूं या जीने के लिए काम करता हूं बचपन में सबसे अधिक बार पूछा गया सवाल था बड़े होकर क्या बनना है जवाब अब मिला फिर से बच्चा बनना है थक गया हूं तेरी नौकरी से ऐ जिंदगी मुनासिब होगा मेरा हिसाब कर दे दोस्तों से बिछड़ कर यह हकीकत खुली बेशक कमीने थे पर रौनक उंही से थी भरी जेब से दुनिया की पहचान करवाई और खाली जैसे अपनों कि जब लगे पैसा कमाने तो समझ आया की शोक तो मां बाप के पैसों से पुरे होते थे अपने पैसे से तो जरूरतें ही पूरी हो पाती हैं हंसने की इच्छा ना हो तो भी हंसना पड़ता है कोई जब पूछे कैसे हो मजे में हूं कहना पड़ता है यह जिंदगी का रंगमंच है दोस्तों यहां हर एक को नाटक करना पड़ता है माचिस की जरुरत यहां नहीं पड़ती यहां आदमी आदमी से जलता है दुनिया के सबसे बड़े साइंटिस्ट ये ढूंढ रहे हैं कि मंगल ग्रह पर जीवन है या नहीं पर आदमी ये नहीं ढूंढ रहा है कि जीवन में मंगल है या नहीं मंदिर में फूल चढ़ाने आए तो यह एहसास हुआ कि पत्थरों को मनाने में फूलों का क़त्ल कर आए हम गए थे गुनाहों की माफ़ी मांगने वहां एक और गुन...

Ma ki dard bhari kahani

Keya gujari hogi USS budhi  ma ke dil par Jab ushki bahu me kaha maji aap apna khana bana Lena mujhe or unhe aaj part me Jana hain To ma ne kaha bete mujhe GA's chulah jalane nahi ata To bete ne kaha  Ma aaj pass wale mandir me bhandara hai tum waha chali Jana khana banane ki koi nowat hi nahi aayegi Ma chapel pahin kar mandir ki or ho chali WAha pura want ka beta rohan sun raha tha Taste me jate wakt rohan ne aapni papa se kaha  Papa jab main v  bahut bara aadmi ban jaunga na to Mai vi aapna ghar kishi mandir ke  pass hi banwaunga Mane bari utsakta she puchha qui beta  Rohan ne Jo jabab diya use shun kar  Ma or bete ke sir niche jhhuk gaya Jo aapni ma ko mandir me chhor aaye The Rohan ne kaha ki ma jab mujhhe via kishi parti me Jana hogs to tum vi kishi mandir me khana khane jawoge na Or mai nahi chahta ki tumhe kishi dut ki mandir me Jana na pare Dosto ek kabar pe ...

Ma ka dard

Keys gujri hogi jab uski bahu me bola ma Ji aap apna khana bans Lena Mujhe or unhe am part I me janaa hai ma  be kaha bete mujhe GA's chula Jane nahi ata bete me kaha ma aj pass wale mandir me vandara hain tum vaha chale jana khana banane ki noubat hi nahi aayegi Ma chapal pagan kar mandir ki or ho chali WAha pura waha pura

Ma ki yad wah re jamane teri had ho gae

वाह रे जमाने तेरी हद हो गई, बीबी के आगे मदर रद्द हो गई ! बड़ी मेहनत से जिसने पाला, आज वो मोहताज हो गई ! और कल की छोकरी, तेरे सर का ताज हो गई ! बीवी हमदर्द और मॉं सरदर्द हो गई ! वाह रे जमाने तेरी हद ……… पेट पे सुलाने वाली, पैरों में सो रही है ! बीवी के लिए लिम्का, मॉं पानी को रो रही है ! सुनता नहीं कोई, वो आवाज देते देते सो गई ! वाह रे जमाने तेरी हद ……… मॉं मांजती है बर्तन , वो सजती संवरती है ! अभी निपटी ना बुढ़िया तू , इस लीये उस पर बरसती है ! अरे दुनिया को आई मौत, मौत तेरी कहॉ गुम हो गई ! वाह रे जमाने तेरी हद ………. अरे जिसकी कोख में पला, अब उसकी छाया बुरी लगती है, बैठे होण्डा पे महबूबा, कन्धे पर हाथ जो रखती, वो यादें अतीत की, वो मोहब्बतें मॉ की, सब रद्द हो गई ! वाह रे जमाने तेरी हद ……….. बेबस हुई मॉ अब, दिए टुकड़ो पर पलती है, अतीत को याद कर, तेरा प्यार पाने को मचलती है ! अरे मुसीबत जिसने उठाई, वो खुद मुसीबत हो गई ! वाह रे जमाने तेरी हद …….